Symptoms of omicron : कैसे पता चलेगा कि हम ओमिक्रॉन से संक्रमित हो गए?

Symptoms of omicron virus : Omicron ke lakshan kya hai 

Symptoms of omicron : कैसे पता चलेगा कि हम कोरोना संक्रमित हो गए?

Omicron - ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हैं, ये किस टेस्ट से पता चलेगा?

Omicron ke lakshan kya hai : हिंदुस्तान सहित पूरी दुनिया में इस समय कोरोना वायरस की तीसरी लहर की चर्चा हो रही है हर रोज नए मामलों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है इस मौजूदा लहर के लिए कोरोना वायरस के जिस नए वेरिएंट को जिम्मेदार माना जा रहा है उसका नाम ओमिक्रॉन है।

omicron ke case : दुनियाभर के विशेषज्ञ इस बात को लेकर संतुष्ट हैं कि ओमिक्रॉन से लोग उस तरह से बीमार नहीं हो रहे जैसा कि कोरोना वायरस के पिछले वैरीएंट खासकर डेल्टा से होने वाले संक्रमण के दौरान देखा गया था लेकिन ओमिक्रोन संक्रमण के मामले में पिछले वेरिएंट से ज्यादा घातक है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ है लोगों को सोशल डिस्टेंस का पालन करने की सलाह दे रहे हैं। आज हम जानेंगे ओमिक्रॉन के सिम्टम्स किस प्रकार के होते हैं।

omicron ke symptoms : ओमिक्रॉन के लक्षण क्या हैं?

omicron ke lakshan in hindi : ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वाले अधिकांश लोगों को ऐसा लगता है कि जैसे उन्हें ठंड लग गई हो गले में खराश नाक बहने की समस्या और सिर में दर्द भी होता है।

omicron ke bare mein jankari : कोरोनावायरस के पिछले वेरिएंट में संक्रमित होने पर अक्सर इस प्रकार लगता था कि लोगों की सूंघने की शक्ति या स्वाद लेने की क्षमता कम हो जाती थी खांसी और तेज बुखार भी पिछले वेरिएंट के लक्षण थे।

हालाँकि, आधिकारिक तौर पर अभी भी इन्हीं तीन लक्षणों को कोरोना के निश्चित लक्षण माना जाता है। 

Omicron - ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हैं, ये किस टेस्ट से पता चलेगा? 

symptoms of omicron coronavirus : कोरोना के डेल्टा वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन बहुत तेजी से फैलता है। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैसा गंभीर नहीं है और इस बात की संभावना बहुत कम है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वाले व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़े। 

symptoms of omicron variant  : इसकी खास वजह यह बताई जा रही है कि अधिकांश लोगों को वैक्सीन लग चुकी है अथवा वह पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं इस कारण उनके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। 

symptoms of omicron covid variant : कोरोना के  नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का पता सबसे पहले दक्षिण अफ़्रीका में चला था, मगर समझा जाता है कि वहाँ अब इसका पीक निकल चुका है।

इंग्लैंड से भी ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं कि शायद ब्रिटेन में भी पीक की स्थिति आ चुकी है लेकिन ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मुश्किल तब हो सकती है जब ओमिक्रॉन बड़ी संख्या में वृद्ध लोगों को अथवा ऐसे लोगों को संक्रमित करना शुरू करेगा जिन की सेहत को किसी तरह का खतरा होता है। 

omicron test : कैसे होता है ओमिक्रॉन का टेस्ट 

omicron की पुष्टि आरटी-पीसीआर टेस्ट से ही हो सकती है जिसमें लार के नमूने को पैथोलॉजी लैब्स में भेजा जाता है। वहाँ पता चल सकता है कि ये संक्रमण ओमिक्रॉन का है, या डेल्टा का या किसी और चीज़ का। 

लेकिन अगर सिर्फ इतना  पता करना हो कि कोरोना संक्रमण है या नहीं, तो इसके लिए रैपिड टेस्ट भी किया जा सकता है। मगर यदि टेस्ट का नतीजा पॉज़िटिव रहता है तो भी इससे ये पता नहीं चल सकता कि ये ओमिक्रॉन है, या डेल्टा, या कुछ और। 

क्या booster dose बचा पायेगा ओमिक्रॉन से? 

omicron ke bare mein jankari : अब यदि ओमिक्रॉन की पुष्टि के लिए टेस्ट किया गया, तो उसका परिणाम कितनी जल्दी मिल सकता है, ये इस बात पर डिपेंड करता है कि उस क्षेत्र में जाँच करने वाले लैब्स में से कितने के पास ओमिक्रॉन की जाँच की तकनीक उपलब्ध है। 

उदाहरण के लिये, ब्रिटेन जैसे देश में आधे से भी कम लैब्स के पास ये तकनीक है।  भारत में भी हर इलाक़े के हर लैब में ओमिक्रॉन के टेस्ट की सुविधा नहीं है। 

ओमिक्रॉन की पुष्टि के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग यानी जेनेटिक एनालिसिस ज़रूरी होती है, जिसमें चार से पाँच दिन लगते हैं। 

symptoms of omicron virus in india : भारत में इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा है कि आईसीएमआर ने टाटा एमडी के साथ मिलकर एक टेस्टिंग किट बना है जो चार घंटे में नतीजे दे देगा। इस टेस्टिंग किट को डीसीजीआई ने मंज़ूरी दे दी है। 

 कोरोना के दूसरे वैरिएंट से कैसे अलग है ओमिक्रॉन? 

कोई भी वायरस हो वह लगातार म्यूटेट करते हैं, यानी वो लगातार रूप बदलते रहते हैं, अर्थात उनका नया वर्ज़न आता रहता है. इसी को वेरिएंट कहते हैं। 

इनमें कुछ वेरिएंट ज़्यादा ख़तरनाक हो सकते हैं, या ऐसे हो सकते हैं जो बहुत तेज़ी से फैलते हैं। 

वैज्ञानिकों की शब्दावली में इन्हें वेरिएंट्स ऑफ़ कन्सर्न (VoC) यानी 'चिंता का विषय' माना जाता है। 

ओमिक्रॉन भी एक (VoC) है, क्योंकि इसमें ऐसे बदलाव हुए हैं जिन्हें इसके पहले कभी नहीं देखा गया। 

इनमें से ज़्यादार बदलाव वायरस के उन हिस्सों में हुए हैं जहाँ मौजूदा वैक्सीन हमला करते हैं. वायरस के इस हिस्से को स्पाइक प्रोटीन कहा जाता है। 

वैक्सीन का कितना असर होगा? 

symptoms of omicron virus infection : ओमिक्रॉन वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन वाले हिस्से में हुए बदलाव की वजह से शुरू में इस प्रकार की  चिंता हुई कि शायद अभी जो वैक्सीन हैं वो ओमिक्रॉन पर काम नहीं करेंगे। लेकिन ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने इस बारे में अपनी रिसर्च में पाया कि अगर बूस्टर वैक्सीन यानी वैक्सीन की अतिरिक्त डोज़ ली जाए, तो 88% तक सुरक्षा बढ़ जाती है यानी अस्पताल पहुँचने की नौबत नहीं रहती। ये पिछले वेरिएंट्स से लड़ने की वैक्सीनों की क्षमता से बहुत मामूली ही कम है। 

ब्रिटेन में एक और अध्ययन में इस बात का पता चला है कि डेल्टा वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वाले लोगों के अस्पताल पहुँचने का ख़तरा लगभग आधा है।

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