Budget 2022: सरकार का युवाओं के लिए बड़ा तोहफा, 60 लाख नई नौकरियां देने की घोषणा

वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने संसद में किया बजट पेश 

Budget 2022: सरकार का युवाओं के लिए बड़ा तोहफा, 60 लाख नई नौकरियां देने की घोषणा

स्‍वास्‍थ्‍य बजट में रहा प्रौद्योगिकी का मुख्‍य स्‍थान

Budget 2022: Finance Minister of India Nirmala Sitharaman ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया।



Budget 2022: Finance Minister of India Nirmala Sitharaman ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच प्रस्तुत हुए इस साल के बजट पूरे देश की नजर थी। मोदी सरकार ने बजट में देश के युवाओं को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 60 लाख नई नौकरियों की घोषणा की है। इसके अलावा उन्होंने 30 लाख अतिरिक्त नौकरी देने की क्षमता भी बताई है।

वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि Atmanirbhar Bharat के तहत 16 लाख युवाओं को नौकरियां दी जाएंगी। Make in India के तहत 60 लाख नौकरियां आएंगी। उल्लेखनीय है कि रोजगार को लेकर मोदी सरकार हमेशा से ही विपक्ष के निशाने पर रही है। विपक्षी दल ये आरोप लगाते रहे हैं कि मोदी सरकार रोजगार पैदा करने में नाकाम रही है। लेकिन अब मोदी सरकार ने 60 लाख नौकरियों का ऐलान करके विपक्ष को जवाब दे दिया है। अब देखना यह है कि मोदी सरकार की यह घोषणा जमीनी स्तर पर कितनी सफल होती है।

5 जी के लिये अनुकूल परिवेश के निर्माण के लिए बजट 2022-23 में डिजाइन संबंधी विनिर्माण योजना का प्रस्ताव

(DESIGN-LED MANUFACTURING SCHEME PROPOSED BY BUDGET-2022-23 TO BUILD A STRONG ECOSYSTEM FOR 5G)

केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए कहा कि बजट में अगले 25 वर्षों- भारत@75 से भारत@100  के अमृत काल के दौरान अर्थव्यवस्था को तेज करने के लिए मजबूत नींव और एक ब्लूप्रिंट तैयार करने पर जोर दिया गया है। श्रीमती सीतारमण ने कहा, “2021-22 के बजट में पेश किए गए विज़न पर इस बजट में भी काम जारी रखा जाएगा। इसके मौलिक सिद्धांत जिनमें वित्तीय वक्तव्य और वित्तीय स्थिति में पारदर्शिता शामिल है, सरकार के सिद्धांत, ताकत और चुनौतियों को प्रदर्शित करते हैं।“

सरकार का उद्देश्य अमृत काल के दौरान तय लक्ष्यों को हासिल करते हुए डिजिटल अर्थव्यवस्था और फिनटेक प्रौद्योगिकी आधारित विकास के विज़न को हासिल करना है।

दूरसंचार क्षेत्र (Telecom Sector) :

केंद्रीय बजट 2022-23 में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के एक हिस्से के रूप में 5जी के लिए डिजाइन आधारित विनिर्माण के लिए एक अनुकूल परिवेश बनाने के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत के विज़न को हासिल करने के लिए 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन य़ोजना को अच्छा समर्थन मिला है। इसमें 60 लाख नए रोजगार और अगले 5 वर्षों के दौरान 30 लाख करोड़ के उत्पादन की संभावना है।

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने जोर देते हुए कहा कि दूरसंचार सामान्य तौर पर और 5जी प्रौद्योगिकी खास तौर पर विकास में तेजी लाने और रोजगार के अवसर मुहैया कराने में सक्षम हो सकते हैं। 2022-23 के भीतर निजी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा 5जी मोबाइल सेवाएं शुरू करने के लिए 2022 में आवश्यक स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी।

इसके अलावा, ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में सस्ते ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवा प्रसार को सक्षम बनाने के लिए बज़ट में वैश्विक सेवा बाध्यता निधि (यूएसओएफ) के तहत वार्षिक संग्रह की 5 प्रतिशत राशि आवंटित की जाएगी। इससे प्रौद्योगिकी और समाधानों के अनुसंधान एवं विकास और वाणिज्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

शहरी क्षेत्रों के निवासियों के समान सभी ग्रामीणों को ई-सेवाओं तक पहुंच बनाने, संचार सुविधाएं और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय बजट में घोषणा की गई है कि दूर-दराज के क्षेत्रों सहित सभी गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए संविदाएं वर्ष 2022-23 में पीपीपी के माध्यम से भारतनेट योजना के तहत दी जाएंगी। ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम 2025 में पूरे होने की उम्मीद है। ऑप्टिकल फाइबर के बेहतर तथा अधिक प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जाएंगे

सरकार शिक्षा जगत, उद्योग तथा सार्वजनिक संस्थानों के बीच सहयोग के प्रयास के अतिरिक्त उभरते हुए अवसरों में अनुसंधान और विकास के लिए योगदान करेगी

(GOVERNMENT TO CONTRIBUTE FOR R&D IN SUNRISE OPPORTUNITIES, IN ADDITION TO EFFORTS OF COLLABORATION AMONG ACADEMIA, INDUSTRY AND PUBLIC INSTITUTIONS)

आज संसद में केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्‍द्रीय बजट 2022-23 में उभरते हुए अवसरों की अपार संभावना को स्वीकार करते हुए कहा गया है कि घरेलू क्षमता सृजन तथा अनुसंधान और विकास के प्रोत्साहन में सरकार का दृष्टिकोण समर्थनकारी नीतियों, हल्के विनियमों और सहायता प्रदान करने वाले कदमों से निर्देशित होगा।

बजट प्रस्तुत करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने इस बात पर बल दिया कि इन उभरते हुए अवसरों में अनुसंधान और विकास के लिए शिक्षा जगत, उद्योग तथा सार्वजनिक संस्थानों के साथ सहयोग के प्रयासों के अतिरिक्त सरकार की ओर से भी योगदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भू-स्थानिक तंत्र तथा ड्रोन, सेमीकंडक्टर और इसके परितंत्र, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जेमोनिक्स तथा फॉर्मास्युटिकल्स, हरित ऊर्जा तथा स्वच्छ मोबीलिटी प्रणालियों में बड़े पैमाने पर सतत विकास में सहायता देने और देश को आधुनिक बनाने की अपार क्षमता है। यह क्षेत्र युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं और भारतीय उद्योग को और अधिक सक्षम तथा स्पर्धी बनाते हैं।

 

बजट में सशस्‍त्र बलों के लिए उपकरणों में आत्‍मनिर्भरता भारत को प्रोत्‍साहन देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई गई

(BUDGET REITERATES GOVERNMENT’S COMMITMENT TO PROMOTE ATMANIRBHARTA IN EQUIPMENT FOR ARMED FORCES)


केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए कहा कि  निर्यातों को कम करने और सशस्‍त्र बलों के लिए उपकरणों में आत्‍मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि पूंजीगत खरीद बजट को वर्ष 2021-22 के 58 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2022-23 में घरेलू उद्योग के लिए 68 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।

केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास बजट के 25 प्रतिशत के साथ इसे उद्योगों, स्‍टार्टअप्‍स और शिक्षा जगत के लिए खोला जाएगा। निजी उद्योगों को एसपीवी मॉडल के माध्‍यम से डीआरडीओ और अन्‍य संगठनों के सहयोग से सैन्‍य प्‍लेटफार्म और उपकरणों के डिजाइन और विकास को निष्‍पादित करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि एक स्‍वतंत्र नोडल अम्‍ब्रैला निकाय को व्‍यापक परीक्षण और प्रमाणन आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए स्‍थापित किया जाएगा।    

‘स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा उपकर’ को व्‍यवसाय व्‍यय के रूप में अनुमति नहीं

(‘HEALTH AND EDUCATION CESS’ NOT ALLOWED AS BUSINESS EXPENDITURE)

‘स्‍वास्‍थ्‍य एवं शिक्षा उपकर’ को व्‍यवसाय व्यय के रूप में अनुमति नहीं दी गई है। केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए स्‍पष्‍ट किया।

केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि आयकर व्‍यवसाय आय की गणना के लिए अनुमति प्राप्‍त व्‍यय नहीं है। इसमें कर के साथ-साथ अधिभार शामिल हैं।

उन्‍होंने बताया कि ‘स्‍वास्‍थ्‍य एवं शिक्षा उपकर’ को विशिष्‍ट सरकारी कल्‍याण कार्यक्रमों के वित्‍त पोषण के लिए करदाता पर एक अतिरिक्‍त अधिभार के रूप में लागू किया गया है। यह देखते हुए कि कुछ न्‍यायालयों ने स्‍वास्‍थ्‍य एवं शिक्षा उपकरों को व्‍यापार, आय के रूप में अनुमति दी है,  जो विधायी आशय के विरूद्ध है। केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने दोहराया कि आय और लाभ पर कोई अधिभार या उपकर व्‍यवसाय व्‍यय के रूप में अनुमति योग्‍य नहीं है।

स्‍वास्‍थ्‍य बजट में रहा प्रौद्योगिकी का मुख्‍य स्‍थान

(TECHNOLOGY TAKES CENTRE-STAGE IN HEALTH BUDGET)

आयुष्‍मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ‘राष्‍ट्रीय डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य परितंत्र’ के लिए घोषित नया प्‍लेटफॉर्म ‘’डिजिटल इंडिया’’ की दिशा में एक और महत्‍वपूर्ण कदम

(NEW OPEN PLATFORM FOR ‘NATIONAL DIGITAL HEALTH ECOSYSTEM’ ANNOUNCED AS PART OF AYUSHMAN BHARAT DIGITAL MISSION, ANOTHER KEY STEP TOWARDS “DIGITAL INDIA”) 

केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश किया। आम बजट के स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का मुख्‍य स्‍थान रहा। वित्‍त मंत्री ने दो नई डिजिटल योजनाओं की घोषणा की, जो यह संकेत देता है कि डिजिटल प्रौद्योगिकी देशभर में स्‍वास्‍थ्‍य की पहुंच और स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल सुविधाओं के विस्‍तार में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 

    आज हुई घोषणाओं में कोविड-19 महामारी की झलक दिखती है। केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री सीतारमण ने उन लोगों के प्रति सहानुभूति जताई जिन्‍हें महामारी के कारण गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य एवं आर्थिक प्रभाव का सामना करना पड़ा। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले दो सालों में स्‍वास्‍थ्‍य ढांचे में त्‍वरित सुधार के कारण देश आज मजबूत स्थिति में खड़ा है। अपने बजट भाषण में उन्‍होंने कहा कि हमारे टीकाकरण अभियान की गति और कवरेज ने महामारी से लड़ने में काफी मदद की है। वित्‍त मंत्री ने कहा ‘’मैं आश्‍वस्‍त हूं, कि सबके प्रयास से हम मजबूत वृद्धि की अपनी इस यात्रा को जारी रखेंगे।’’ 

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने रेखांकित किया कि पिछले वर्ष के बजट में की गई पहलों ने काफी अच्‍छी प्रगति की है, जिसके लिए इस बजट में भी उचित राशि आवंटित की गई है। उन्‍होंने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य अवसंरचना में आई मजबूती, टीकाकरण अभियान के तीव्र क्रियान्‍वयन, महामारी की मौजूदा लहर के प्रति तीव्र राष्‍ट्रव्‍यापी प्रतिक्रिया ने हम सभी को राहत प्रदान की है। 

आयुष्‍मान भारत डिजिटल मिशन Ayushman Bharat Digital Mission :

    राष्‍ट्रीय डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य परितंत्र के लिए एक नए खुले प्‍लेटफार्म का शुभारंभ किया जाएगा। इसमें व्‍यापक रूप से स्‍वास्‍थ्‍य प्रदाताओं और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं के डिजिटल पंजीयन, विशिष्‍ट स्‍वास्‍थ्‍य पहचान, संयुक्‍त फ्रेमवर्क शामिल होंगे और यह स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं तक सार्वभौ‍मिक पहुंच प्रदान करेगा। 

राष्‍ट्रीय टेली मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम National Tele Mental Health Programme :

    केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने इस बात को स्‍वीकार किया कि महामारी ने सभी उम्र के लोगों में मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं पैदा की है। गुणवत्‍तापूर्ण मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य काउंसलिंग और देखभाल सेवाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करने के लिए आज ‘राष्‍ट्रीय टेली मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम’ की घोषणा की गई। इसमें 23 टेली-मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्रों का एक नेटवर्क शामिल होगा, जिसमें निमहंस नोडल केन्‍द्र के रूप में कार्य करेगा। अंतरराष्‍ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्‍थान, बेंगलुरू (आईआईआईटीबी) इसके लिए तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।     

पीएम गतिशक्ति राष्‍ट्रीय मास्‍टर योजना में आर्थिक परिवर्तन के सात इंजन-सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग और निर्बाध बहु-आयामी संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को शामिल किया जाएगा

(PM GATISHAKTI NATIONAL MASTER PLAN TO ECOMPASS SEVEN ENGINES –ROADS,RAILWAYS,AIRPORTS,PORTS,MASS TRANSPORT,WATERWAYS AND LOGISTICS INFRASTRUCTURE FOR ECONOMIC TRANSFORMATION, SEAMLESS MULTIMODAL CONNECTIVITY AND LOGISTICS SYNERGY)

केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए कहा कि  पीएम गतिशक्ति आर्थिक वृद्धि और सतत विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी पद्धति है। इस पद्धति का संचालन सात इंजनों- सड़करेलवेएयरपोर्टबंदरगाहसार्वजनिक परिवहनजलमार्ग और लॉजिस्टिक अवसंरचना से होता है।  केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि ये सातों इंजन एक साथ मिलकर अर्थव्‍यवस्‍था को आगे ले जाएंगे। इन इंजनों की सहायता करने में ऊर्जा पारेषण, आईटी संचार, भारी मात्रा में जल एवं जल निकास तथा सामाजिक अवसंरचनाएं अपनी पूरक भूमिका अदा करती हैं। उन्‍होंने कहा कि इस उत्‍पादन को स्‍वच्‍छ ऊर्जा और सबका प्रयास, जिसमें केन्‍द्र सरकार, राज्‍य सरकार और निजी क्षेत्रों का संयुक्‍त प्रयास शामिल है, से शक्ति मिलती है और इसके परिणाम स्‍वरूप व्‍यापक स्‍तर पर रोजगार सृजन हो सकता है तथा विशेष तौर पर युवाओं के लिए उद्यम के अवसरों का भी सृजन हो सकता है।

पीएम गतिशक्ति राष्‍ट्रीय मास्‍टर योजना PM GatiShakti National Master Plan:

वित्‍त मंत्री ने कहा कि पीएम गतिशक्ति राष्‍ट्रीय मास्‍टर योजना में आर्थिक परिवर्तन के सात इंजन, निर्बाध, बहुविध कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता शक्ति है। इसमें मतिशक्ति मास्‍टर प्‍लान के अनुसार राज्‍य सरकारों द्वारा तैयार इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर भी शामिल होंगे। इसका ध्‍यान प्‍लानिंग नवोन्‍मेषी तरीकों से वित्‍तपोषण, प्रौद्योगिकी के उपयोग और अधिक तेजी से क्रियान्‍वयन पर केन्द्रित होगा।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि राष्‍ट्रीय इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पाइन लाइन में इन 7 इंजनों से संबंधित परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति फ्रेमवक्र के साथ जोड़ी जाएंगी। मास्‍टर प्‍लान की विशेषता विश्‍वस्‍तरीय आधुनिक इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और लोगों और वस्‍तुओं दोनों के आवागमन के विभिन्‍न माध्‍यमों और परियोजनाओं के लोकेशन के बीच लॉजिस्टिक समन्‍वय करना होगा। उन्‍होंने कहा कि इस उत्‍पादकता को बढ़ाने, आर्थिक वृद्धि एवं विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

सड़क परिवहन Road Transport:

वित्‍त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 में एक्‍सप्रेस मार्ग के लिए पीएम गतिशक्ति मास्‍टर प्‍लान का प्रतिपादन किया जाएगा ताकि लोगों और वस्‍तुओं का अधिक तेजी से आवागमन हो सके। वर्ष 2022-23 में राष्‍ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 25,000 किलोमीटर का विस्‍तार किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि वित्‍तपोषण के नवोन्‍मेषी तरीकों से 20,000 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे ताकि सार्वजनिक संसाधनों को पूरा किया जा सके।

वस्‍तु और लोगों का निर्बाध बहु-आयामी आवागमन Seamless Multimodal Movement of Goods and People: 

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि सभी माध्‍यमों के ऑपरेटरों को डाटा एक्‍सचेंजएप्‍लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के लिए अभिकल्पितएकीकृत लॉजिस्टिक इंटरफेस प्‍लेटफार्म (यूएलआईपी) पर लाया जाएगा। इससे विभिन्‍न माध्‍यमों के जरिए वस्‍तुओं के कुशल आवागमनलॉजिस्टिक लागत और समय कम करने, यथा समय इन्‍वेंट्री मैनेजमेंट में सहायता करने और अप्रसांगिक दस्‍तावेजीकरण को दूर करने में मदद मिलेगी। सबसे महत्‍वपूर्ण, इससे सभी हितधारकों को रीयल टाइम सूचना उपलबध होगी और अंतरराष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धा में सुधार होगा। उन्‍होंने कहा कि यात्रियों की निर्बाध यात्रा के लिए समान को लाने ले जाने के लिए खुले स्रोत की सुविधा भी दी जाएगी।

मल्‍टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क Multimodal Logistics Parks:

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष 20023-23 में पीपीपी पद्धति में चार स्‍थानों पर मल्‍टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क को आरंभ करने के लिए संविदाएं की जाएंगी।   

रेलवे Railways:

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि रेलवे पार्सलों के निर्बाध आवाजाही की सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए डाक और रेलवे को जोड़ने में अग्रमी भूमिका निभाने के साथ-साथ रेलवे छोटे किसानों तथा लघु एवं मध्‍यम उद्यमोंके लिए नए उत्‍पाद और कार्यकुशल लॉजिस्टिक सेवाएं विकसित करेगा।

उन्‍होंने कहा कि स्‍थानीय कारोबार तथा आपूर्ति श्रृंखला की सहायता करने के लिए एक स्‍थान एक उत्‍पाद की अवधारणा को लोकप्रिय बनाया जाएगा।

आत्‍मनिर्भर भारत के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 2,000 किलोमीटर के नेटवर्क को कवच के अंतर्गत लाया जाएगा जोकि सुरक्षा और क्षमता सवंर्धन के लिए विश्‍व स्‍तर की स्‍वदेशी प्रौद्योगिकी है। अगले तीन वर्षों के दौरान 400 नई पीढ़ी की वंदे भारत रेलगाड़ियों का विकास और विनिर्माण किया जाएगा जोकि ऊर्जा क्षमता और यात्रियों के सुखद अनुभव की दृष्टि से बेहतर होंगी।

रेलवे से संपर्क सहित सार्वजनिक शहरी परिवहन Mass Urban Transport including Connectivity to Railways:

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बड़े पैमाने पर यथोचित प्रकार के मेट्रो सिस्‍टम के निर्माण के लिए वित्‍त-पोषण और इनके तीव्र कियान्‍वयन के नए तरीकों को प्रोत्‍साहित किया जाएगा। सार्वजनिक शहरी परिवहन और रेलवे स्‍टेशनों के बीच मल्‍टीमॉडल संपर्क के लिए प्राथमिकता के आधार पर सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्‍होंने कहा कि मेट्रो सिस्‍टम की डिजाइन, जिसमें नागरिक बुनियादी ढांचे भी आते हैं, में पुन: सुधार किया जाएगा और उनको भारतीय परिस्थितियों और आवश्‍यकताओं के अनुसार मानक स्‍तर का बनाया जाएगा।

पर्वतमाला: राष्‍ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम Parvatmala: National Ropeways Development Programme:

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में परंपरागत सड़कों के विकल्‍प जो पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ होंको वरीयता दी जा रही हैपीपीपी मोड के अंतर्गत एक राष्‍ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसका उद्देश्‍य संपर्क में सुधार लाना है और आने-जाने वाले लोगों के लिए सुविधा प्रदान करना है जोकि पर्यावरण को बढ़ावा देने के अलावा है। इसमें सघन आबादी वाले ऐसे शहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा जहां कि परंपरागत सार्वजनिक परिवहन व्‍यवस्‍था संभव नहीं है। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 20222-23 में 8 रोपवे परियोजनाओंजिनकी कुल लंबाई 60 किलोमीटर होगीके लिए अनुबंध दिए जाएंगे।    

अवसंरचना परियोजना के लिए क्षमता निर्माण Capacity Building for Infrastructure Projects:

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि क्षमता निर्माण आयोग की तकनीकी सहायता से केन्‍द्रीय मंत्रालयोंराज्‍य सरकारों और उनकी इन्‍फ्रा एजेंसियों की कार्य क्षमता में सुधार आएगा। उन्‍होंनें कहा कि इससे पीएम गतिशक्ति अवसंरचना परियोजनाओं के नियोजनडिजाइनफाइनेंसिंग (जिसमें नवीन तरीके भी शामिल हैं) और क्रियान्‍वयन प्रबंधन की क्षमता में वृद्धि हो सकेगी।

वर्ष 2022-23 के लिए वित्‍त मंत्री ने अर्थव्‍यवस्‍था में समग्र निवेशों को मदद देने के लिए राज्‍यों की सहायता के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्‍ताव दिया। यह 50 वर्ष के ब्‍याज मुक्‍त ऋण राज्‍यों के लिए सामान्‍य उधारी की स्‍वीकृति से अधिक हैं।

इस आवंटन का उपयोग पीएम गतिशक्ति से संबंधित और राज्‍यों को अन्‍य उत्‍पादक पूंजी निवेश के लिए किया जाएगा। इसमें निम्नलिखित घटक भी शामिल होंगे।

  • राज्‍यों की अंशभागिता की सहायता सहित पीएम ग्राम सड़क योजना के प्राथमिक कारकों के लिए वित्‍त पोषण पूरक।
  • ओएफसी नेटवर्क की पूर्णता और डिजिटल भुगतानों सहित अर्थव्‍यवस्‍था का डिजिटाइजेशन और
  • भवन उप-कानून, शहर प्‍लानिंग योजनाट्रांजिट-उन्‍मुख विकास और हस्‍तांतरणीय विकास अधिकार। 



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